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2230 अंबेडकर गांवों को 25 अरब

Posted by MKB on January 25th, 2010

अगले वित्तीय वर्ष के दौरान सूबे के दलित बहुल 2230 अंबेडकर गांवों का कायाकल्प होगा। गांवों के समग्र विकास को 25 अरब रुपये से ज्यादा खर्च किया जाएगा। गांवों के कच्चे गलियारे सीमेंट के होंगे और नाली, बिजली, साफ पानी व शौचालय की बेहतर व्यवस्था होगी। दरअसल, मायावती के पिछले तीन मुख्यमंत्रित्वकाल (1995-96, 1997-98 व 2002-03) में सूबे के दलित बहुल वाले 19176 गांवों को बतौर अंबेडकर गांव चयनित किया गया था, लेकिन उनमें से ज्यादातर में विकास के कार्य नहीं हुए थे। इस बार पूर्ण बहुमत की सरकार होने पर मुख्यमंत्री मायावती द्वारा अब इन गांवों का समग्र विकास कराया जा रहा है। डा. अंबेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में 2195 गांवों में विकास के तमाम कार्य कराए जा रहा है। सूत्रों के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष 2010-11 के दौरान सरकार 1995-96 में चयनित किसी भी गांव को विकास कार्य से अछूता नहीं रखना चाहती है। ऐसे में 1995-96 के शेष चयनित बचे लगभग 1800 गांवों के साथ ही मायावती के दूसरे व तीसरे मुख्यमंत्रित्वकाल के हर जिले से न्यूनतम 15-15 गांव लेते हुए कुल 2230 अंबेडकर गांवों के समग्र विकास को उच्च स्तरीय निर्णय किया गया है। इस संबंध में नीति को भी मंजूरी दे दी गई है। सूत्र बताते हैं कि अगले वित्तीय वर्ष में मजरे सहित अंबेडकर गांवों के रास्ते पक्के करने के लिए प्रति गांव 50-50 लाख रुपये की व्यवस्था रहेगी। गांव के रास्ते डामर के बजाय सीमेंट (सीसी) के ही बनाने की शर्त रहेगी। किसी गांव में 50 लाख रुपये में भी सीसी रोड न बन पाने पर जिले व मंडल स्तर से 10-20 लाख रुपये की और व्यवस्था हो सकेगी, फिर भी काम अधूरा रहने पर खड़ंजा बिछाया जाएगा। गांव के सभी बीपीएल परिवारों के शौचालय की व्यवस्था होगी। मजरे सहित सभी गांव को पूरी तरह से विद्युतीकरण किया जाएगा। हैंडपंप लगाकर स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था होगी। अनुमान है कि इन कार्यो को अमली जामा पहनाने में तकरीबन 25 अरब रुपये खर्च होंगे। अंबेडकर गांव के जिन परिवारों के पास पक्का मकान न होगा उन्हें महामाया व इंदिरा आवास योजना से पक्का मकान मिलेगा। आवासीय पट्टा व भूमिहीन को कृषि योग्य भूमि का पट्टा दिया जाएगा। विभागीय प्रमुख सचिव बलविन्दर कुमार ने बताया कि अगले वित्तीय वर्ष में अंबेडकर गांवों के विकास संबंधी नीति का शासनादेश जल्द जारी किया जाएगा ताकि चयनित गांवों में पहली अप्रैल से ही काम शुरू हो जाए।
Reference: Jagran

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