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अंग्रेजी माध्यम में खुल सकेंगे यूपी के माध्यमिक विद्यालय
यूपी बोर्ड ने अंग्रेजी माध्यम से माध्यमिक विद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव पर शनिवार को मुहर लगा दी। एक्ट में संशोधन की संस्तुति कर दी। पुराने विद्यालयों के लिए रास्ता खोल दिया गया है। संस्थाओं को मान्यता हिन्दी अथवा अंग्रेजी या दोनों माध्यम से डीआईओएस की संस्तुति के आधार पर शिक्षण के लिए प्रदान की जाएगी। मान्यता शुल्क में भी वृद्धि कर दी गयी है। दस हजार रुपए के स्थान पर अब 15 हजार रुपए शुल्क जमा करने होंगे। प्रमाणपत्र में नाम परिवर्तन के लिए शुल्क में पांच गुना वृद्धि की गयी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की नीति नियामक 25 सदस्यीय समिति की बैठक शनिवार को हुई जिसमें कई अहम फैसले लिये गये। सबसे बड़ा फैसला मान्यता नीति में परिवर्तन का लिया गया। हालांकि, यह समाचार ‘दैनिक जागरण’ ने गत तीन फरवरी को ही ब्रेक कर दी थी। इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा-7 में प्रावधान है कि परिषद अपनी परीक्षाओं के प्रायोजनों के लिए संस्थाओं को मान्यता प्रदान करेगी। इसी में अध्याय-7 के विनियम-8 में प्रावधान है कि संस्थाओं को मान्यता केवल हिन्दी माध्यम से शिक्षण के लिए प्रदान की जाएगी। बैठक में तर्क रखा गया कि आईसीएसई और सीबीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त संस्थाओं में हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यम से शिक्षण दिए जाने की व्यवस्था है। अत: वर्तमान शैक्षिक परिवेश एवं प्रतिस्पर्धा को देखते हुए परिषद से मान्यता के लिए आवेदन करने वाली संस्थाओं तथा मान्यता प्राप्त संस्थाओं को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण दिये जाने की अनुमति प्रदान कर दी जाए। इससे प्रदेश के शैक्षिक स्तरोन्नयन का विकास होगा। छात्रों को शिक्षण के लिए कोई असुविधा भी नहीं रहेगी।
बैठक में सदस्यों ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। पाठयक्रम में संशोधन पर स्वीकृति दे दी गयी। नए सुधार पर सहमति हो गयी। कुछ मदों पर फीस वृद्धि को हरी झंडी मिल गई। बोर्ड से मुहर लगने के इन प्रस्तावों को शासन की मंजूरी मिलेगी। उसके बाद इनका शासनादेश हो जाएगा। बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के सभापति संजय मोहन ने किया। बैठक में कुछ सदस्य उपस्थित नहीं थे।
बोर्ड के फैसले
1. संस्थाओं को मान्यता हिन्दी या अंग्रेजी अथवा दोनों माध्यम से जिला विद्यालय निरीक्षक की संस्तुति के आधार पर शिक्षण हेतु प्रदान की जाएगी। प्रतिबंध यह है कि पूर्व में मान्यता प्राप्त विद्यालयों को भी हिन्दी माध्यम से इतर अंग्रेजी माध्यम से शिक्षण हेतु कक्षा, कक्ष एवं योग्य अध्यापकों की उपलब्धता के आधार पर संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा नए अनुभाग खोलने की अनुमति प्रदान की जाएगी।
2. प्रथमवार हाईस्कूल वन टाइम मान्यता के 15 हजार रुपए
3. इंटरमीडिएट अतिरिक्त वर्ग की मान्यता के लिए 15 हजार रुपए
4. प्रमाणपत्र की द्वितीय प्रति का शुल्क अब 100 रुपए
5. प्रमाणपत्र में नाम परिवर्तन के लिए अब 100 रुपए
6. परीक्षाफल के सत्यापन के लिए 25 रुपए शुल्क लगा
7. नए पाठयक्रमों का अनुमोदन
छात्रों पर कोई बोझ नहीं : डा.द्विवेदी
यूपी बोर्ड के वरिष्ठ सदस्य डा. इंद्रभूषण द्विवेदी ने कहा कि नए प्रस्तावों में जनहित का ध्यान रखा गया है। जिन मदों में शुल्क बढ़ाया गया है उससे छात्रों पर कोई बोझ नहीं बढ़ेगा। अंग्रेजी माध्यम से विद्यालयों में पढ़ाने के लिए स्वीकृत मिलने से प्रदेश के बच्चे अन्य बोर्डो से प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रस्ताव तैयार कराए गए हैं।
मान्यता समिति की बैठक 20 से
यूपी बोर्ड की मान्यता समिति की बैठक 20, 21, 22 एवं 23 फरवरी को होगी। क्षेत्रीय कार्यालयवार समिति की बैठक होगी। समिति की बैठक में प्रदेश में खुलने वाले नए माध्यमिक विद्यालयों पर मुहर लगेगी।
Source : Jagran
बहुजन समाज पार्टी