म.प्र.के बालाघाट जिला में बसपा के चुनावी रैली मे उमड़ा जनसैलाब

उ.प्र.की तर्ज पर अब म.प्र. में भी बनानी होगी बसपा की सरकार – बहन मायावतीजी आज दिनांक 18 नवम्बर 2013 को मध्यप्रदेश के बालाघाट जिला में उत्साह और उमंग के साथ बहन मायावतीजी के नेतृत्व में बसपा की चुनावी रैली संपन्न हुई. बहन मायावतीजी के आगमन को लेकर पुरे बालाघाट और आस पास के जिले में बहुजन समाज के बीच उत्सूकता का मौहाल बना था.

बहुजन समाज के लोगों का आने का सिलसिला वैसे 17 नवम्बर की शाम से ही रैली स्थल पर चालू था.. लेकिन 18 नवम्बर के सुबह तो मानो ऐसा लग रहा था.. “ये रैली नहीं रैला है.. फुले-शाहू-डॉ.आंबेडकरजी का मेला है.” दोपहर 12 बजे तक रैली स्थल का मैदान खचाखच भर चुका था.. रैली स्थल के बाहर भी शोषित वंचित पिडित समाज के लोग बड़े पैमाने पर उपस्थित थे.. खास बात यह थी की, जब तक बहन मायावतीजी का आगमन रैली स्थर पर नहीं हुआ था तब तक शोषित वंचित पिडित समाज के लोग बुद्ध अनुशासन का पालन करते हुए कड़ी धूप में अपनी बहना का उत्सूकता से इंतजार कर रहे थे..

इस अवसर पर लोगों में फुले-शाहू-डॉ. आबेडकरजी और मान्यवर कांशीरामजी के मिशन के प्रति बहुजन समाज के लोगों में समा बांधने के लिये मंच पर बहुजन समाज पार्टी, जागृती जत्था के कलाकार भीम गीतो के माध्यम से अपनी जागृती कला का महान प्रदर्शन कर रहे थे.. 12.30 को बहन मायावतीजी का हैलिकॉप्टर जैसे ही मैदान के समीप पहुंचा पुरे मैदान मे जमे हुए लोग अपने नेता को देखने के लिए एक साथ खड़े होकर हाथ हिलाकर अपनी बहना का स्वागत कर रहे थे.. जैसे उनको विश्वास ही नहीं हो रहा था.. की दलित शोषित वंचित समाज के लोग भी हैलिकॉप्टर के द्वारा जागृती यात्राएं कर सकते है..

जैसे ही मंच पर बहन मायावतीजी पहुंची.. वैसे ही पुरा मैदान बसपा के नारों से गुंज उठा. इस अवसरपर बहन मायावतीजी के सामने आयोजकोंने मंच पर उपस्थित सभी 13 विधानसभा प्रत्याशियों का परिचय करा दिया.. बाद में जैसे ही बहन मायावतीजी सभा को संबोधित करने मंच पर पहुंची वैसे फिर से एक बार मंच पर उपस्थित पदाधिकारियों ने जमकर नारे लगाकर मैदान में उपस्थित बहुजन समाज के लोगों का उत्साह दोगुना किया. बहन मायावतीजी ने उपस्थित लोगों से यह आवाहन किया की.. अब म.प्र. के बहुजन समाज के लोग भी उ.प्र. की तर्ज पर म.प्र. में बसपा की सरकार बनाकर अपनी बिगडी को दूरस्त कर ले.. क्योंकी पिछले 65 सालों में आप लोगो ने काँग्रेस और भाजपा का शासन देखा.. और उनको शासन में भी लाने का काम किया..

लेकिन फीर भी आपके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ.. मैने भूमिअधिग्रण मुद्दे पर प्रधानमंत्री को बार बार चिठ्ठी लिखी की, भूमिहीन लोगों को जो सरकारी जमीन खाली पडी है..उस जमीन के तीन तीन एकड के पट्टे वितरित करे ताकि उनके जीवन मे सुधार हो.. लेकिन काँग्रेस की सरकार ने मेरी इस अपील के तरफ कोई ध्यान नहीं दिया.. जब मैं उ.प्र. की मुख्यमंत्री बनी.. तब मैने मेरे शासनकाल में वहां के भूमिहिनों को खाली पड़े सरकारी जमीनों को कब्जे में लेकर तीन तीन एकड के पट्टे दिलवाकर उनके जीवन में सुधार लाने की कोशीशे की.. इसके साथ ही मान्यवर कांशीरामजी आवास योजना के अंतगर्त एक लाख जरुरतमंद परिवारों को घर आवंटित किया.. और इसके साथ ही बहन मायावतीजी आगे कहती है..

कि हमारी पार्टी अन्य पार्टीयों की तरह कभी घोषणापत्र जारी नहीं करती.. क्योंही बीएसपी यह करनी में विश्वास रखती है.. कथनी में नहीं.. और भी बहोत सारी क्रांतीकारी बाते बहन मायावतीजी ने जनता के सामने रखकर बहुजन समाज में हिम्मत पैदा करके उनको म.प्र. में बसपा की सरकार बनाने के लिये प्रेरित किया.. और खचाखच भरे मैदानमें उपस्थित बहुजन समाज के लोगों ने भी बार बार तालियां बजाकर बहन मायावतीजी को अपनी मंजुरी और समर्थन भी दिया.. बहन मायावतीजी ने इस अवसर कडी धूप में बैठे लोगों का धन्यवाद भी किया.. और जयभीम.. जयभारत के साथ अपना क्रांतिकारी संबोधन समाप्त किया. [By NIRWAN BODHI , NAGPUR-10]

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