वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन

वेमुला मामले पर देशभर में प्रदर्शन करेंगे छात्र संगठन

रिसर्च स्टूडेंट रोहित वेमुला की खुदकुशी के बाद 17 जनवरी को शुरू हुआ विरोध-प्रदर्शन अब हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी तक सीमित नहीं रहकर पूरे देश में फैलेगा। जेएनयू और डीयू सहित नौ विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधि अभी कैंपस में हैं और उन्होंने एक नैशनल जेएसी बनाई है ताकि वेमुला की खुदकुशी के मामले में कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ाया जा सके।

जेईसी ने बुधवार को देश के सभी विश्वविद्यालयों में बंद की अपील की है। महात्मा गांधी की शहादत की बरसी वाले दिन 30 जनवरी को उन्होंने दिल्ली चलो का नारा भी दिया है। ये छात्र एचआरडी मिनिस्टर स्मृति ईरानी को बर्खास्त करने और लेबर मिनिस्टर बंडारू दत्तात्रेय, वीसी अप्पाराव पोडिले और बीजेपी विधायक रामचंद्र राव सहित अन्य आरोपियों को अरेस्ट किए जाने की मांग कर रहे हैं।

इस विरोध प्रदर्शन को आईसीएसएसआर के चेयरपर्सन सुखदेव थोराट, मानवाधिकार कार्यकर्ता जी हरगोपाल, शिक्षाविद और दलित चिंतक कांचा इलैया के अलावा दलित महिला लेखकों और कार्यकताओं के एक संगठन का समर्थन भी हासिल है।

‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ का प्रदर्शन
आंदोलन के रुख में कोई नरमी नहीं आने का संकेत देते हुए जेएसी ने कैंपस में ‘मुजफ्फरनगर बाकी है’ फिल्म का प्रदर्शन भी किया। इस मौके पर फिल्म निर्माता निखिल सिंह साहनी भी मौजूद थे। इस फिल्म को दिल्ली यूनिवर्सिटी के एक कॉलेज में अगस्त में नहीं दिखाने दिया गया था।

जेएसी और अंबेडकर स्टूडेंट्स असोसिएशन के सदस्य प्रशांत बागड़े ने कहा, ‘इसी फिल्म के प्रदर्शन पर रोक को लेकर हमने विरोध किया था तो अगस्त में एबीवीपी के लोगों ने झगड़ा किया था। इसके बाद हुई घटनाओं के चलते रोहित को खुदकुशी करनी पड़ी। हमने इस फिल्म को पहले भी यहां दिखाया था, लेकिन अब इसे हम दूसरे विश्वविद्यालयों से यहां आए छात्रों को भी दिखा रहे हैं, जो हमसे एकजुटता दिखाने के लिए आए हैं।’

ऐक्टिंग वाइस चांसलर को पहली बार मिली एंट्री
ऐक्टिंग वाइस चांसलर प्रफेसर विपिन श्रीवास्तव को पहली बार रिपब्लिक डे के मौके पर यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसने दिया गया। विरोध-प्रदर्शन कर रहे यूनिवर्सिटी के छात्रों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर प्रफेसर श्रीवास्तव के राष्ट्रध्वज फहराने में कोई बाधा नहीं डाली।

श्रीवास्तव ने ईटी से कहा, ‘कोई डिस्टर्बेंस नहीं था। पुलिस कुछ दूरी पर थी और हमें किसी ने भी झंडा फहराने से नहीं रोका।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि इस घटना से कैंपस में गतिरोध दूर करने में मदद मिलनी चाहिए। गौरतलब है कि प्रदर्शनरत छात्रों की जॉइंट ऐक्शन कमिटी कैंपस में कोई प्रशासनिक कार्य नहीं होने दे रही है। जेएसी की मेंबर अर्पिता जया ने ईटी से कहा, ‘हम नहीं चाहते थे कि रिपब्लिक डे को लेकर कोई बखेड़ा हो, लिहाजा हमने झंडा फहराने में कोई बाधा नहीं डाली।’

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