प्रतीकात्मक कार्यों से मोदी कर रहे हैं लोगों को गुमराह: बहन मायावती जी

प्रतीकात्मक कार्यों से मोदी कर रहे हैं लोगों को गुमराह: बहन मायावती जी

बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष बहन मायावती जी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पहले दौरे में भी पीडि़त व शोषित जनता का कुछ ठोस कल्याण करने के बजाये वही पुरानी राग अलापने व कोरा उपदेश देने की सख़्त आलोचना करते हुये कहा कि अब केवल लोक-लुभावन बातें व दिन में सपने दिखाने से काम नहीं चलने वाला है, बल्कि देश के करोडों ग़रीबों, शोषितों, पीडि़तों, किसान, युवा व महिला वर्ग आदि के लिये कुछ ठोस करके उन्हें दिखाना होगा।
वैसे तो संविधान की मंशा के मुताबिक सही ’’सामाजिक न्याय’’ का जनहितैषी एजेन्डा मोदी सरकार के एजेन्डे में कहीं भी है ही नहीं, परन्तु देश की आमजनता का मोदी सरकार से अब यह उम्मीद करना और उसके अनुसार यह माँग करना कि अनुचित नहीं है कि वे चुनावी वायदा निभाते हुये देश की जनता को मँहगाई से मुक्ति दिलायें, रोज़गार मुहैया करायें, ग़रीबों को पक्का मकान निर्मित करके दें, गुजरात की तरह हर राज्य व हर गांव को बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करें और इसकी शुरूआत के तौर पर कम-से-कम उत्तर प्रदेश में उनके अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी इन चुनावी वायदों का अब तक कोई ठोस काम नहीं होना यह साबित करता है कि उनका व उनकी पार्टी की मंशा ऐसे लोक-लुभावन वायदों के माध्यम से केवल चुनावी लाभ कमाना था, ना कि इनके पीछे सच्छी सोच व सही गंभीरता थी। वैसे भी मोदी सरकार पर ’’केवल प्रतीकात्मक’’ काम करके लोगों को गुमराह करने के आरोप अब सार्वजनिक तौर पर लगने लगें हैं।
बहन मायावती जी ने कहा मोदी सरकार को छः महीने पूरे होने वाले हैं तो अब पी.एम श्री मोदी ने देश की जनता को फिर से वरग़लाने के लिये नया शिगूफा छोड़ा है कि ’बात नहीं, काम करके दिखाऊँगा’, जबकि इस सम्बन्ध में हक़ीक़त यह है कि मोदी सरकार की बड़ी-बड़ी बातों से तंग आकर जनता अब आवाज़ उठाने लगी है कि ’मोदी सरकार वादा निभाओ, काला धन वापस लाआं और प्रत्येक देशवासियों को 15 लाख रुपया मुहैया कराओं।’
बहन मायावती जी ने कहा कि बी.एस.पी. भी यही चाहती है कि पी.एम. मोदी सबसे पहले काला धन देश में वापस लायें और अपने वायदे के मुताबिक़ 15-15 लाख रूपये हर भारतीय के बैंक खाते में जमा करायें। देश की आमजनता इन रूपयों से अपना उद्धार स्वयं कर लेगी और मोदी को कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिये हर परिवार को पाँच पेड़ अपनी ज़मीन में लगाने का ’’उपदेश‘‘ देने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि वाराणसी क्षेत्र के लाखों ’’बुनकर परिवारों’’ के साथ भी केन्द्र सरकार द्वारा फ़रेब व धोखाधड़ी करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें समुचित बिजली व सस्ता माल उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें बिचैलियों व शाहूकारों के रिण के जंजाल से मुक्त कराने का ठोस काम करने के बजाये, उनके लिये तथकथित ’’2,375 करोड़ रूपये का पैकेज’’ का ऐलान किया गया है, जबकि इसका सीधा लाभ बुनकारों को दिलाने वाली यह योजना है ही नहीं। वास्तव में मोदी मंत्रिमण्डल के 05 नवम्बर, 2014 के फैसले के अनुसार उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल व जम्मू-कश्मीर राज्यों में 23 ग़ैर-लाइसेन्सी केन्द्रीय सहकारी बैंकों के पुनरूद्धार के तहत यह 2,375 करोड़ रूपये की इस योजना को मंजूरी दी गई है, जिसमें लगभग दो-तिहाई धनराशि अर्थत लगभग 14 हजार 64 करोड़ रूपये सम्बन्धित राज्य सरकारों को ही देना है तो फिर इस मामले में केन्द्र सरकार ग़लत वाहवाही लूटने का प्रयास क्यों कर रही है।
इससे पहले बहन मायावती जी ने कल रात यहाँ लखनऊ स्थित बी.एस.पी. उत्तर प्रदेश स्टेट कार्यालय में आयोजित पार्टी विधायकों की बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि बी.एस.पी. अन्य विरोधी पार्टियों से अलग सर्वसमाज की एक अनुशासित पार्टी है और इसका यह अनुशासित चेहरा विधानमण्डल व संसद के भीतर व बाहर भी जनता को लगातार नज़र भी आते रहना चाहिए। इसी कारण आगामी 14 नवम्बर से शुरू होने वाले उत्तर प्रदेश विधानमण्डल के सत्र में बी.एस.पी. के सभी विधायकगण जनहित के मुद्दों को पूरी तैयारी, दमदारी व अनुशासित तरीक़े से उठायें। वे लोग सदन के ’वेल’ में नहीं जायें, परन्तु सपा सरकार के राजनीतिक विद्वेषपूर्ण व जन-विरोधी कार्यों का डट कर विरोध करें और जनता की समस्याओं आदि को इस सपा सरकार तक पहुँचाने के लिये सदन में भी जी-जान से काम करें।

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