10 महींनो मे ही सामने आया अखिलेश का बीज घोटाला

समाजवादी पार्टी के दो मंत्री पैसे के बंदर बांट को लेकर आपसी तनातनी से बीज खरीद में घोटाला और कमीशनबाजी की बात सामने आई है। राज्य के कृषि मंत्री आनंद सिंह पर उनके जूनियर मंत्री ने घपलेबाजी का आरोप लगाया है। कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार के आरोपों पर जांच बिठा दी गई है। उधर विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है।

आरोप है कि खेती के लिए खरीदे जाने वाले बीज में कमीशनबाजी का खेल चल रहा है। और ये आरोप लगाने वाला कोई और नहीं बल्कि खुद यूपी सरकार के एक मंत्री हैं। उत्तर प्रदेश के कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर शिकायत की है कि उनका विभाग नियमों के खिलाफ जाकर बाजार से महंगे दाम पर बीज की खरीदारी कर रहा है।

सूबे के कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह के मुताबिक जो भी मुझे पता चलेगा तो मैं अपने मुख्यमंत्री को बताऊंगा और उनको हम समय समय पर बाताते रहेंगे। मेरा काम राज्यमंत्री का है कि मैं अपने विभाग की वास्तविक सूचनाएं मुख्यमंत्री को देता रहूं। कृषि राज्यमंत्री राजीव कुमार सिंह की ये शिकायत अपने सीनियर मंत्री आनंद सिंह को कठघरे में खड़ा कर रही है। राजीव कुमार सिंह के मुताबिक राज्य सरकार ने फैसला लिया था कि खेती के लिए बीज निजी कंपनियों से नहीं खरीदा जाएगा, सिर्फ उन्हीं सरकारी कंपनियों से बीज लिया जाएगा। जो खुद बीज का उत्पादन करती हों, लेकिन सूत्रों के मुताबिक बीज विकास निगम ने जिन कंपनियों को बीज खरीद का ठेका दिया, वो सारी जरुरतें पूरी नहीं कर सकीं। ठेका देने में नियमों की भी अनदेखी हुई।

जबकि यूपी के कृषि मंत्री की मानें तो बीज खरीद में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। अपने राज्यमंत्री को वो गलतफहमी का शिकार बता रहे हैं। कृषिमंत्री आनंद सिंह के मुताबिक कृषि राज्यमंत्री को कुछ उन्होंने लिख दिया है। उनका इरादा गलत नहीं है। जैसा मै समझता हूं, क्योंकी बीज तो बाजार से खरीदा ही नहीं तो ज्यादा और कम की बात कहा से आ गई। हमने तो केवल जो राष्टीय फ़ूड कॉर्पोरेशन यहां हैं उनसे ही बीज लिया है। कृषिमंत्री ने कहा कि शायद कृषि राज्यमंत्री को कोई भ्रम हो गया है।

कृषि मंत्री भले ही आरोपों से इनकार कर रहे हों, लेकिन राजीव कुमार सिंह के पत्र पर सरकार ने जांच बिठा दी है। उधर विपक्ष भी इस मसले पर सरकार को घेरने में जुट गया है। सूबे में बीजेपी के प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक के मुताबिक राज्यमंत्री अगर किसी विषय को उठाता है तो मुख्यमंत्री की ये नैतिक जिमेदारी बनती है कि उस विषय की जांच कराये और आम जनता को ये जानने का हक है। और जांच की रिपोर्ट को सार्वजानिक किया जाए। कृषि राज्यमंत्री के अपनी ही सरकार पर लगाए गए आरोप कितने सही हैं, ये तो जांच के बाद साफ हो जाएगा, लेकिन इस मसले ने फिलहाल अखिलेश सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। [IBN 7 Khabar]

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