राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल से निराश लौटे दर्शन करने गये लोग

सोमवार को राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल पहुंचे लोग और डॉ. भीमराव आंबेडकर के समर्थकों को निराश होकर लौटना पड़ा। ये लोग 14 अक्टूबर को डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने गए थे, लेकिन सोमवार को साप्ताहिक बंदी के कारण प्रेरणा स्थल नहीं खोला गया था। 14 अक्टूबर 1956 को डॉ. आंबेडकर ने अपने लाखों समर्थकों समेत बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। 14 अक्टूबर 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने इसका लोकार्पण किया था।
वीकली ऑफ होने के कारण सोमवार को प्रशासन ने दलित प्रेरणा स्थल और ग्रीन गार्डन को खोलने के आदेश नहीं दिया। इस वहज से वहां पहुंचे तमाम बीएसपी कार्यकर्ताओं और आंबेडकर समर्थकों के निराश होकर लौटना पड़ा। रविवार को ही बीएसपी के कई कार्यकर्ताओं ने प्रेरणा स्थल प्रशासन से मिल कर सोमवार को इसे खोलने की मांग की थी, लेकिन प्रशासन ने वीकली ऑफ का हवाला देते हुए सोमवार को इसे खोलने से साफ मना कर दिया था। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा था कि यदि इस संदर्भ में उच्चाधिकारियों से निर्देश मिलता है तो सोमवार को दलित प्रेरणा स्थल खोला जा सकता है। लिहाजा दलित प्रेरणा स्थल खुलने की उम्मीद लेकर बीएसपी के कई कार्यकर्ता सोमवार सुबह 11 बजे से ही वहां जमा हो गए थे।
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल  के सुपरवाइजर सूरज कुमार ने बताय कि सोमवार को वीकली ऑफ होने के कारण पार्क नहीं खोला गया। उच्चाधिकारियों से भी इस बाबत कोई आदेश नहीं मिला था।

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