लम्बे इंतजार के बाद आखिर खुला ही गया नोएडा का राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल

नोएडा के राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल को बुधबार को आखिर आम जनता के लिये खोल दियाय गया| इस अवसर पर देशी और विदेशी पर्यटको ने इसकी बहुत तारीफ की | बस अफसोस इस बात का है की गाँधी जयंती के दिन खोला बह गाँधी जिसने कभी भी दलितों के हितो की हमेशा अनदेखी की और जिसकी बजह से  दलित अपने एक बड़े अधिकार से बंचित रह गये बाबा साहब डॉक्टर अम्बेडकर गाँधी जी की नीयियो के हमेशा विरोधी रहे है

राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल एवं ग्रीन गार्डन बौद्ध काल की पारंपरिक वास्तुकला और आधुनिक निर्माण का सम्मिश्रण है। स्थल की स्मारिका के मुताबिक, इसे कुल 3 जोन में बनाया गया है।

कुल 82.5 एकड़ (3 लाख 34 हजार 334 वर्ग मीटर) एरिया में बने इस स्थल का 75 पर्सेंट एरिया ग्रीन एवं सॉफ्ट लैंड स्कैप के रूप में इस्तेमाल किया गया है। भवन निर्माण, चबूतरे (हार्ड लैंड स्केप) आदि को 25 पर्सेंट एरिया में बनाया गया है। ग्रीन एरिया में विभिन्न प्रजातियों के 7500 पेड़ और डेढ़ लाख अलंकृत झाडि़यां लगाई गई हैं।

कैसा रहा आज का पहला दिन

विदेशी भी हुए कायल

मैं दूसरी बार भारत आया हूं। पहली बार दिल्ली और राजस्थान घूमा। इस बार हम लोग नोएडा में रुके हैं तो हमने सोचा कि पहले नोएडा घूमें। सुबह यहां से गुजर रहे थे तो हम लोगों ने राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल को देखा। बाहर से यह काफी खूबसूरत लगा। यहां घूमकर बहुत अच्छा लगा है।
मैथ्यू, अमेरिका
मैं पहली बार भारत आई हं। बाहर से दलित प्रेरणा स्थल को देखकर अंदर आए बिना रह नहीं पाई। इसे बहुत खूबसूरती से बनाया गया है। हम लोग यहां आकर बहुत खुश हैं। यहां के लोगों ने भी अंदर आने के बाद बहुत इज्जत दी है। सब लोगों ने हमसे बहुत से बात की है और हम लोगों को इस जगह के बारे में समझाया भी है। मेरे बच्चे भी यहां आकर बहुत खुश हैं।
रिया
यहां आकर बहुत अच्छा लग रहा है। मॉम ने बताया था कि हम लोग इंडिया घूमने जा रहे हैं। इंडिया आने के बाद सबसे पहले हम लोग यहां घूमने आए हैं। बहुत बड़े स्पेस में यह बना हुआ है। मैं घर जाकर अपनी फ्रेंड्स को भी बताऊंगी कि इंडिया में कितने अच्छे अच्छे प्लेस हैं। मेरी बहन और भाई भी हमारे साथ घूमने आए हैं।
फेथ , मैथ्यू की बेटी

बहन मायावती जी का ड्रीम प्रोजेक्ट राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल बुधवार को जनता को समर्पित कर दिया गया। पार्क खुलने के पहले दिन हजारों लोग यहां पहुंचे।
फाउंटेन और मूर्तियों का आकर्षण
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल में पहले दिन घूमने आए लोगों को सबसे पसंद फाउंटेन और मूर्तियां आईं। पार्क खुलने के बाद से ही बच्चे फाउंटेन में नहा रहे थे। इसके अलावा पार्क के मुख्य भवन में बने भीमराव आंबेडकर, कांशी राम और बहन मायावती जी की भव्य मूर्तियां भी लोगों को काफी आकर्षित कर रहीं थीं।
पहले दिन लोगों ने खूब फैलाया कचरा
पार्क खुलने के पहले दिन से ही लोगों ने पार्क में गंदगी फैलानी शुरू कर दी। जगह-जगह लोग चिप्स, कोल्ड ड्रिंक की बोतल और नमकीन के पैकेट फेंक रहे थे। इन्हें गंदगी फैलाने से रोकने वाला कोई नहीं था। पार्क में आए कुछ लोगों ने कहा कि अथॉरिटी को पार्क को गंदगी से बचाने के लिए सही इंतजाम करने की जरूरत है।
क्या कहते हैं लोग
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के बारे में जितना सुना था, यह हकीकत में उससे भी सुंदर है। यह पार्क वाकई बहन मायावती जी का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसके बुधवार से खुलने के बारे में जानकारी होने के बाद मैंने आज ही यहां आने का प्लान बनाया था। यहां आकर काफी अच्छा लगा।
आनंद कुमार, दिल्ली
इस पार्क में बने फाउंटेन काफी भव्य और अच्छे हैं। यहां आकर मन को काफी शांति मिल रही है। इस पार्क को पहले ही खोलना चाहिए था। लेकिन पता नहीं क्यों 2011 से ही इसे बंद रखा गया था। हालांकि अथॉरिटी को इसकी साफ-सफाई के इंतजाम करने होंगे।
अंजलि, मयूर विहार, दिल्ली
मैं इसपार्क में घूमने के लिए दादरी से आया हूं। जब से मैंने सुना था कि पार्क खुलने वाला है तभी मैने सोचा था कि पहले दिन ही घूमने आऊंगा। यहां कर पता चला कि इसकी इतनी तारीफ क्यों की जाती है। यहां बनाए गए फव्वारे-मूर्तियां और मुख्य भवन की डिजाइन काफी बढि़या है। नोएडा को एक अच्छा पर्यटन स्थल मिल गया है।
शोएब , दादरी
राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल के बारे मैंने काफी कुछ सुना था। लिहाजा मैंने पूरे परिवार के साथ इसे पहले दिन ही देखने का फै सला किया था। वाकई यह पार्क क ाफी सुंदर है। पार्क के निर्माण में यूज किए गए पत्थर भी काफी आकर्षक है। बच्चों के लिए फाउंटेन आकर्षण का केंद्र है।
बलविंदर , प्रीत विहार , दिल्ली
मायावती का ड्रीम प्रोजेक्ट सचमुच एक ड्रीम की तरह है। पार्क को काफी अच्छा बनाया गया है और मूर्तियां तो काफी भव्य हैं। इसके अलावा यह काफी बड़ा है। इसके खुलने के बाद नोएडा को एक विश्व स्तर का पर्यटन स्थल मिल गया गया है।
परविंदर , दिल्ली
मैंने इतना बड़ा पार्क पहली बार देखा है। यहां के फाउंटेन और स्टैच्यू बहुत बड़े – बड़े और सुंदर भी है। मैने पूरे पार्क में रेस लगाकर खूब एंजॉय किया। हर वीकेंड मैं यहां घूमने आऊंगी।
जेसिका , सेक्ट र-66

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