सपा के गुंडो ने पूरे शहर मे हफ्ता बसुली शुरु की | जान से मारने की धमकी

शहर  स्थित इंडस्ट्रियल एरिया में पार्किंग बड़ी प्रॉब्लम बन गई है। अपने फैक्ट्री के सामने वाहन पार्क करने वाले वर्कर और यहां आने वाले लोगों से पार्किंग के नाम पर जबरन वसूली की जा रही है। पैसा न देने पर फैक्ट्री के मालिकों को फोन पर धमकियां भी दी जा रही हैं। कई बार पैसा न देने पर फैक्ट्री के सामने पार्क की गईं गाडि़यों क ो क्रे न से उठाया भी जा चुका है।
शहर के उद्यमियों का आरोप है कि जबरन वसूली करने वाले खुद को अथॉरिटी की ओर अलॉट किए गए पार्किंग के ठेकेदार बताते हैं। उनके पास न तो अथॉरिटी का कोई कागज होता है और न ही आई कार्ड। पार्किंग के नाम पर कोई सुविधा भी नहीं देते हैं। उनके पास कोई एरिया भी फिक्स नहीं हैं। जगह और स्पेस देखकर उगाही शुरू कर देते हैं। उद्यमियों का कहना है कि अगर इनको पार्किंग ठेकेदार के लिए अथॉरिटी ने नियुक्त किया है तो ये लोग लीगल पर्ची दें। इसके अलावा अथॉरिटी की ओर से तय रेट लें। खुद को अथॉरिटी की ओर से नियुक्त ठेकेदार बताने वाले ये लोग पार्किंग के नाम पर प्रति फैक्ट्री महीने में 5 हजार से 10 हजार रुपये तक मांगते हैं। महीने में पैसा न देने पर कई बार फोन पर धमकी भी जाती है। ब्लॉक डी के एक उद्यमी ने बताया कि मैंने तो पिछले कुछ महीने तक 5 हजार रुपये दिए थे। अब पैसा देना बंद कर दिया है तो गाड़ी क्रेन से उठाने की धमकी दी जा रही है। ब्लॉक ए में एक फैक्ट्री के मैनेजर का कहना है कि अगर इनको अथॉरिटी की ओर से पार्किंग का ठेका दिया गया है तो इनको अपने आदमी तैनात कर बाकायदा पर्ची देकर पार्किंग संचालित करनी चाहिए। पार्किंग के नाम पर महीने में एक बार पैसा वसूलना तो सरासर गलत है।
क्या कहते हैं उद्यमी
कुछ वर्षों से खुद को अथॉरिटी की ओर से नियुक्त ठेकेदार बताने वाले एक शख्स ने पार्किंग के नाम पर जबरन पैसे मांगने शुरू कर दिए। मैंने कुछ महीने तक 5 हजार रुपये दिए भी, लेकिन उसके पास कोई कागजात नहीं है।
-राजीव बंसल, उद्यमी, सेक्टर-63 डी ब्लॉक

इस सेक्टर में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। पैसे न देने पर गाडि़यों को क्रेन से उठाने की धमकी दी जा रही है। ये लोग पार्किंग में कोई आदमी भी नहीं लगाते हैं और महीने में पैसे की मांग करते हैं।
-अनिल कुमार, उद्यमी,
सेक्टर -63 कोई कमर्शल इलाका तो है नहीं। यहां किसी ऑथराइज्ड पार्किंग का भी औचित्य नहीं बनता है। कुछ लोग इस एरिया में फर्जी तरीके से पार्किंग के नाम पर जबरन वसूली करते हैं।
– आनंद वत्स ,
खुद को पार्किंग का ठेकेदार बताने वाले शख्स के पास कोई ऑथराइज्ड कागजात भी नहीं होता है। गाड़ी पार्क करने पर न ही कोई पर्ची दिया जाता है और न ही कोई आदमी मौजूद रहता है। ठेकेदार महीने में 5 से 10 हजार रुपये की मांग करता है।
– ज्ञान , उद्यमी ,
यह हाल पूरे शहर का है
में यदि बिना किसी पार्किंग अलॉटमेंट के वसूली की जा रही है तो उद्यमी उनके पास आकर इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
– अखिलेश सिंह , डिप्टी सीईओ , नोएडा अथॉ रिटी   [NBT]

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