जाती विशेष के वोट बैंक के खोने के डर से आरोपी मंत्री को बचा रहे हैं मुलायम सिंह यादव?

जाती विशेष के वोट बैंक के खोने के डर से आरोपी मंत्री को बचा रहे हैं मुलायम सिंह यादव?

समाजावादी पार्टी चीफ मुलायम सिंह और सीनियर पार्टी नेता रामगोपाल यादव को लगता है कि आरोपी मंत्री राममूर्ति वर्मा को बर्खास्त करने से जाती विशेष का वोट बैंक पार्टी के पाले से बिखर सकता है। शनिवार को इस मामले में 5 पुलिस वालों को सस्पेंड कर मामले को रफा दफा करने की कोशिश की गई लेकिन राममूर्ति पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

समाजवादी पार्टी एमएलए भुकल नवाब ने कहा, ‘जगेंद्र सिंह के साथ जो कुछ भी हुआ वह दुखद है। हम इसकी निंदा करते हैं। लेकिन वह पत्रकार नहीं थे। वह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को मेसेज भेजते थे। इस मामले में राममूर्ति वर्मा ने कुछ नहीं किया है। जांच में सारी चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। यदि सीबीआई जांच की जरूरत है तो वो भी करा ली जाए। हम किसी भी जांच से डर नहीं रहे क्योंकि वर्मा पूरी तरह से निर्दोष हैं।

राज्य सरकार ने इस मामले में सीबी-सीआईडी जांच की घोषणा की है। इसके साथ ही इलाहाबाद हाई कोर्ट में सीबीआई जांच के लिए जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले में अन्य पार्टियों का भी दबाव राज्य सरकार पर है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा ने कहा, ‘यह गंभीर मामला है। कठोर कदम उठाने की जरूरत है। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब है। ऐसी हालत देखना अपने आप में दर्दनाक है। मंत्री को तत्काल अरेस्ट किया जाना चाहिए नहीं तो सबूत खत्म कर दिए जाएंगे।’

जगेंद्र सिंह के परिवार वालों ने दावा किया है कि पुलिस ऑफिसरों ने पेट्रोल डाल आग लगाई थी। बुरी तरह से झुलस जाने के बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल में सिंह ने दम तोड़ दिया था। सिंह वर्मा के बारे में लगातार लिख रहे थे। वह वर्मा की अवैध खनन में संलिप्तता को उजागर कर रहे थे। इसके साथ ही सिंह ने वर्मा पर अपनी रिपोर्ट में भूमि कब्जा करने के गंभीर आरोप लगाए थे। कहा जा रहा है कि इन्हीं रिपोर्टों के कारण वर्मा जगेंद्र सिंह से खफा थे। वर्मा ने जगेंद्र सिंह पर झूठे केस भी दर्ज कराये थे।

हालांकि पुलिस इसे खुदकुशी बता रही है। शाहजहांपुर के एसपी ने कहा कि जगेंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा था। उसे अरेस्ट करने की कोशिश की गई तो खुदकुशी कर ली। पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राममूर्ति के खिलाफ इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है। इंस्पेक्टर श्री प्रकाश राय, गुफरान, आकाश गुप्ता, अमित प्रताप सिंह और भुरे के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।

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