और अब अखिलेश के विधायक ने गेस्ट हाउस में नाबालिग से किया गैंगरेप!

प्रदेश में आये दिन महिलाओं को दरिन्दे अपनी हवस का शिकार बना रहे हैं और बनाये भी क्यों न? प्रदेश में कानून व्यवस्था का मजाक खुद कानून बनाने वाले उड़ा रहे हैं और कानून लागू करने वाले अनजान बने सो रहे हैं। सुल्तानपुर सदर से सत्ताधारी दल सपा के विधायक के ऊपर एक किशोरी उसकी इज्जत लूटने का आरोप लगाया है।

आलाधिकारी पहले तो इस घटना से अनजान बने रहे फिर दूसरे दिन विधायक के निर्दोष होने का इशारा करते हुए जांच की बात कहने लगे। इस पूरे प्रकरण में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। अदालत के आदेश के बाद इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही शुरू की है।

सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा और उनके पांच साथियों पर एक किशोरी ने गैंगरेप का आरोप लगाया है। किशोरी ने महिला सिपाही व दो अन्य महिलाओं पर अभियुक्तों की मदद का आरोप भी लगाया है।

किशोरी के पिता की एप्लीकेशन पर सीजेएम ने विवेचक को केस डायरी के साथ 25 नवंबर को अदालत में तलब किया है। जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की गांव की रहने वाली रेप पीड़िता किशोरी ने बताया कि वह बीती 18 सितम्बर को अपने पिता के साथ शहर के एक डॉक्टर के यहां मां का इलाज कराने आई थी।

उसकी मां की बांह का का ऑपरेशन हुआ था जिसके कांटे कटवाने थे। जब उसके मा बाप्प अन्दर डॉक्टर के पास थे। इसी बीच वहां गुड्डू लाला आया जो किशोरी का परिचित था। किशोरी के मुताबिक गुड्डू ने उसे घूमने चलने के लिए कहा और बोला जब तक मां-बाप डॉक्टर के यहां से खाली होंगे हम वापस आ जायेंगे।
किशोरी के मुताबिक गुड्डू उसे एक गेस्ट हाउस में लेकर गया जहां विधायक अरुण वर्मा अपने गुर्गों के साथ मौजूद थे। किशोरी के मुताबिक विधायक ने उसे देखते ही कहा कि इसकी बहन कि इज्जत तो मैंने दूसरों से लुटवाई थी लेकिन इसकी इज्जत मैं खुद लूटूंगा। इसके बाद विधायक ने गेस्ट हाउस के करे में बंद कर उसके साथ जबरदस्ती की।

इसके बाद विधायक ने गुड्डू लाला को इस किशोरी को वापस ले जाने के लिए कहा तो गुड्डू लाला ने उसके साथ रेप किया और फिर अनीता सिंह नाम की औरत के हाथ 20 हजार रुपयों में सौदा कर उसे बेच दिया। इसके बाद मौका मिलने पर कई लोगों ने इस किशोरी के साथ दुष्कर्म किया

किशोरी की माँ ने बताया कि इससे पहले मई महीने में विधायक अरुण वर्मा के गुर्गों ने कोचिंग के बहाने किशोरी की बड़ी बहन का अपहरण कर लिया था और उसे विधायक अरुण वर्मा के सामने ले गए थे। अरुण वर्मा ने उस पर अपने गुर्गे से शादी का दबाव डाला जिसे उसने मना कर दिया। पीड़िता की माँ का आरोप है कि इससे नाराज अरुण वर्मा ने अपने गुर्गों से उसकी इज्जत लुटवा दी। बाद में जबी इस मामले में मुकदमा दर्ज होने की बात आई तो अरुण वर्मा ने छोटी बेटी को भी अगवा कर उसकी इज्जत नीलाम कर दी।

इधर किशोरी के माँ बाप अचानक उसके गायब हो जाने से परेशान थे कि अचानक बीती 26 सितंबर को सेमरी चौकी इंचार्ज महबूब आलम ने किशोरी के पिता को फोन करके बताया कि उसकी बेटी कोतवाली नगर में मौजूद है। सूचना पाकर किशोरी का पिता वहां पहुंचा तो पता चला कि किशोरी को एक महिला अपने साथ लेकर चली गई। पिता के मुताबिक उसने कोतवाली में तहरीर देनी चाही तो उसकी तहरीर पर मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। इसके बाद पांच अक्तूबर को एसपी को प्रार्थना पत्र देने के बाद अज्ञात महिला के खिलाफ कोतवाली नगर में धोखाधड़ी व वेश्यावृत्ति के लिए नाबालिग लड़की को ले जाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।

इसके बाद 9 अक्तूबर को किशोरी का कलम बंद बयान एसीजेएम प्रथम संध्या श्रीवास्तव ने दर्ज किया था। मजिस्ट्रेट के सामने बयान में किशोरी ने सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा समेत छह लोगों पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पीड़िता ने एक महिला कांस्टेबल पर आरोपियों के सहयोग की बात भी कही है। इसी मामले में बुधवार को किशोरी के पिता ने सपा के सदर विधायक अरुण वर्मा, समेत सात अन्य लोगों के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया।

प्रार्थना पत्र में किशोरी के पिता ने पुलिस पर आरोपियों के दबाव में निष्पक्ष विवेचना नहीं करने और अभियुक्तों की गिरफ्तारी नहीं होने का आरोप लगाते हुए मुकदमे की कोर्ट से मॉनिटरिंग करने की भी मांग की। सीजेएम अजय कुमार त्रिपाठी ने 25 नवंबर को मुकदमे के विवेचक को केस डायरी के साथ कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है।

राजधानी लखनऊ में यह मामला गरमाने पर पहले तो आईजी लॉ एंड आर्डर आरके विश्वकर्मा ने मामले की जानकारी होने से ही इंकार किया फिर दूसरे दिन उन्होंने बताया कि मामले की छानबीन के दौरान घटना वाले दिन विधायक के मोबाइल की लोकेशन लखनऊ में थी, लेकिन फिर भी मामले की जांच चल रही है। [Bhaskar]

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